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Insan Kabhi Nahi Hara

Insan Kabhi Nahi Hara

Savitri Devi Verma

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देश की प्रगति का मापदंड गाँव ही हैं। इसके लिए हमें गाँवों की आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक स्थिति को परखना होगा। इसके लिए हमें उनमें सही ढंग से, आनन्द से जीने की प्रेरणा भरनी होगी। उन्हें सामाजिक कुरीतियों, अन्धविश्वासों से मुक्त कराना होगा। उनको पारिवारिक जिम्मेदारियाँ निभानी सिखानी होंगी। अच्छा भोजन और साफ-सफाई से रहने का महत्त्व बताना होगा। उनको अच्छी और रोचक पुस्तकें पढ़ने को दी जायें, जोकि उनकी समस्याओं का सुलझा सकें उन्हें सही रास्ता दिखा सकें, ताकि जो भूले-भटके हैं वे ठोकर खाकर अपने और दूसरों के अनुभव से कुछ सीख ले सकें। इसी उद्देश्य के कुछ लेख-कहानियाँ इस पुस्तक में दी गई हैं जिनमें गाँव की पाँच समस्याओं पर प्रकाश डाला गया है वे हैं

1- अवकाश और गृहोद्योग

2- अन्धविश्वास और कुरीतियाँ

3- पढ़-लिखकर गाँव के नवयुवक क्या करें?

4- शराब पीने से पारिवारिक सुख का नाश 

5- दहेज की कुप्रथा ।

सरल भाषा, सुबोध शैली में कहानी के रूप में इन बुराइयों के बुरे परिणामों की ओर पाठकों का ध्यान आकृष्ट किया गया है। इस पुस्तक को पढ़कर पाठकों को अपनी समस्याओं को हल करने की कुछ प्रेरणा मिलेगी।

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Regular price INR. 350
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Binding

Hard Cover

Author

Savitri Devi Verma

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