Iqbal Ki Chuninda Shayari
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अल्लामः इक़बाल का जन्म 22 फरवरी, 1873 को सियालकोट में हुआ। इनका वास्तविक नाम 'मुहम्मद इकबाल' था। वह कश्मीरी ब्राह्मण थे। उनके पूर्वज कश्मीर से पंजाब चले गए थे। उनके पिता एक अच्छे सूफी सन्त थे। सूफी- संत प्रवृत्ति के लोग उनसे मिलने उनके घर आया करते थे, जिनकी चर्चाओं का इकबाल के बाल-मन पर गहरा प्रभाव पड़ा। विलायत से अपनी पढ़ाई पूरी करके वापस लौटने पर प्रोफेसरी की नौकरी की मगर यहाँ उनका मन नहीं लगा। फिर नौकरी छोड़कर बैरिस्ट्री शुरू कर दी। सन् 1926 में आपने राजनीति में प्रवेश किया। 1931 में दूसरी तथा 1932 में तीसरी गोलमेज कान्फ्रेंसों में भाग लेने के लिए इंग्लैंड की यात्रा की। सन् 1922 में आपको 'सर' की उपाधि से सम्मानित किया गया। ऐसे एक नहीं, अनेक खत अल्लामः (मुहम्मद) इकबाल ने जिन्ना को लिखे और मुस्लिम साम्प्रदायिकता की विष- बेल का ऐसा रोपण किया कि जिसके परिणामस्वरूप अखण्ड भारत के दो टुकड़े हो गए। मुसलमानों के नाम पर अलग हुए टुकड़े का नाम 'पाकिस्तान' रखा गया।
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