Islamik Atankvad Eavm Rajniti
Islamik Atankvad Eavm Rajniti
Rampal Singh
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"जब भी आतंकी घटना के आरोप में गिरफ्तारियाँ होती हैं, यह शोर मचाने वाले सक्रिय हो जाते हैं कि सभी मुसलमानों को आतंकी न कहा जाए। प्रश्न वही उठ खड़ा होता है, कि यह भावना कौन फैला रहा है? न तो किसी राजनीतिक दल ने, न किसी सरकार ने और न ही किसी हिन्दूवादी संगठन ने एक बार भी सभी मुसलमानों को आतंकवाद से जुड़े होने की अभिव्यक्ति की। मुस्लिम समुदाय का नेतृत्व करने वालों द्वारा कभी-कभार ही कहा जाता है। लेकिन निरपेक्षता का जामा पहन कर साम्प्रदायिकता के लिए खाद-पानी उपलब्ध कराने वाले बार-बार इस प्रकार का बयान देकर उन लोगों के मन में भी शंका पैदा करने का काम करते हैं जिनकी इस प्रकार की सोच नहीं है।" "इनका आतंक हिन्दू, ईसाई या किसी सिक्ख के विरुद्ध ही नहीं है बल्कि अब तो इस्लामी आतंक उन देशों में भी है, जहाँ इस्लामिक सरकार भी है तथा मुसलमान बहुसंख्यक हैं।
यह मानना भी गलत है कि ये आतंक किसी विशेष धर्म के विरुद्ध है, इसके लिए मुसलमान बुद्धिजीवियों को सोचना होगा क्योंकि यह भी हो सकता है कि इस्लामी आतंकी यह कहें कि किसी अन्य मजहब के व्यक्तियों को इस्लाम के बारे में सोचने की क्या आवश्यकता है।" "सौभाग्य यह रहा है कि एक बार भी हिन्दुओं ने प्रतिक्रिया न करते हुए पड़ोसी मुल्क की साजिश को विफल कर दिया। जबकि पाकिस्तान चाहता है कि भारत में हिन्दू अपनी प्रतिक्रिया आतंकवाद के विरोध में प्रकट कर वहाँ के मुसलमानों से भिड़ जाएँ जिससे देश में अशांति हो। उसे इस बात से कोई मतलब नहीं है कि हिन्दू मरे या मुसलमान, वह तो भारत को अशान्त देखना चाहता है तथा भारत को कई टुकड़ों में बाँटने का प्रयत्न कर रहा है, वह तो भारत की जनता समझदार है जो पाकिस्तान की चाल को अच्छे तरीके से समझे हुए है।"
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392731211
Binding
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Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
252
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 2 cm
Item Weight
Item Weight
550 grams
