Jaton ka Gauravshali Itihas
Jaton ka Gauravshali Itihas
Rampal Singh
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पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी को दिल्ली में किसान घाट पर स्थित समाधि स्थल कैसे मिली ? बात सन् 1987 की है जब चौधरी साहब ने अंतिम साँस ली और दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। चौधरी साहब के अनुयायी दिल्ली में उनकी समाधि की माँग कर रहे थे लेकिन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने यह माँग ठुकरा दी। कहा जमीन कम है, दिल्ली में चौधरी साहब की समाधि नहीं बन सकती। इस बात से नाराज श्री महेंद्र सिंह टिकैत ने लाखों जाटों को लेकर दिल्ली कूच किया और साथ ही धमकी दे दी कि या तो 48 घंटे में समाधि के लिए जमीन दे दो वरना दिल्ली में स्थित अन्य समाधि जैसे महात्मा गांधी, पं. नेहरू, इंदिरा गांधी की समाधियाँ खोद डालेंगे। किसी भी अनहोनी के डर से राजीव गांधी ने 48 घंटे के अंदर राजघाट के बराबर में किसान घाट के लिए जमीन दे दी। इतिहास गवाह है कि जब भी जाट इकट्ठे हुए, सामने वाले को जमीन पर घुटनों के बल खड़ा कर दिया।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392717291
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
