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Kailashpati Shiv

Kailashpati Shiv

Dr. Bhagwati Saran Mishra

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डॉ. भगवतीशरण मिश्र, पौराणिक ऐतिहासिक उपन्यासा के लेखन के क्षेत्र में प्रमुखतम स्थान रखते हैं। अब तक इन्होंने प्रबुद्ध पाठकों के लिए ऐसे अनेक औपन्यासिक कृतियों की रचना की है। हमनें सोचा, नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति एवं समृद्ध विरासत से अवगत होना आवश्यक है। अपने दवी-देवताओं के सम्बंध में तो उन्हें जानना ही चाहिए। यही सोचकर हमने डॉ. मिश्र से आग्रह किया कि वे सरल भाषा में तथा अपनी प्रसिद्ध आकर्षक शैली में आम पाठकों को ध्यान में रख कुछ आध्यात्मिक उपन्यास लिखें। प्रस्तुत है इस कड़ी में तीसरी औपन्यासिक कृति कैलाशपति शिव । भगवान शंकर अत्यंत ही लोकप्रिय देवता हैं। इनका मंदिर भारत के किस कोने में नहीं है? ये लोगों की मनोरंथ-पूर्ति में विलम्ब नहीं करते। इसीलिए इनका एक नाम आशुतोष भी है। पुस्तक की शैली रोचक और भाषा सरल है। सभी प्रकार के पाठकों के लिए यह अत्यंत उपयोगी है। आशा है लोग इस रोचक एवं आध्यात्मिक ग्रंथ का अध्ययन कर अपने को संस्कार-युक्त करेंगे। हम इस श्रृंखला में शीघ्र ही इनकी अन्य औपन्यासिक कृतियां भी देंगे क्योंकि इस श्रृंखला में प्रकाशित पुस्तकों की लोकप्रियता से हम पर्याप्त उत्साहित हुए हैं जिसके लिए हम पाठकों के ऋणी हैं।

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Regular price INR. 476
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392731259

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
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