Kashmir Samsya aur Dhara 370
Kashmir Samsya aur Dhara 370
V.S.Baghel
SKU:
भारतीय संविधान का अनुछेद 370 कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देता था। जिसके अनुसार रक्षा, विदेश व संचार नीति जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों को छोड़कर बाकी सभी विषयों पर राज्य सरकार की सहमति आवश्यक होगी। कश्मीर के लोग भारत के किसी भी भाग में भूमि खरीद सकते हैं, चुनाव लड़ सकते हैं परंतु शेष भारत के लोग वहाँ न तो भूमि खरीद सकते हैं और न ही वहाँ कोई चुनाव लड़ सकते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग भारत के नागरिक हैं, परंतु शेष भारत के लोग इस राज्य के नागरिक नहीं माने जाते थे। यहाँ के लोगों को एक प्रकार से राज्य व केंद्र की दोहरी नागरिकता मिली हुई थी।
इस अनुच्छेद का अधिकांश लाभ सामान्य जनता को नहीं केवल वहाँ के सत्ताधारियों व अलगाववादियों को ही मिल रहा है। इसके कारण अलगाववादियों, आतंकियों एवं भारतीय ध्वज व संविधान का अपमान करने वालों पर कठोर कार्यवाही भी नहीं हो पाती। सन् 2002 में पूरे देश मे लोकसभा क्षेत्रों का पुनर्गठन हुआ था पर इस विवादित अनुच्छेद के चलते यह जम्मू-कश्मीर में नहीं हो सका। क्या ऐसे में भारतीय संसद की भूमिका वहाँ अप्रासंगिक नहीं हो गई? अतः यह विचार करना होगा कि अनुच्छेद 370 के होते वहाँ के सामान्य नागरिकों को क्या लाभहुआ और अगर देश के अन्य कानून वहाँ लागू होते तो उन्हें कितना लाभ होता?
Couldn't load pickup availability
Share
Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392715259
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
