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Kathgare Mein Aurat

Kathgare Mein Aurat

Harpal Singh

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इतना सुनते ही पति महोदय ने दूसरा आरोप जड़ दिया-यह जब भी अकेली होती है। रसोई में हो या बाथरूम में। असफल प्रेम के दर्द भरे गीत गाती रहती है। इतनी दर्दीली आवाज में कि मेरा मन पसीज जाता है। मेरी आंखें डबडबा आती हैं। जब बाथरूम से निकलती है तो इतनी चमकदार मुस्कराहट के साथ मेरी ओर देखती है, उस प्यार के सामने जो असफल होकर तड़प रहा है मेरा जीवित प्यार जैसे कुछ है ही नहीं। गजब तो तब करती है जब उसी गीत की धुन गुनगुनाती हुई खाना परोसती हुई मुझे चिढ़ाती है।

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Regular price INR. 316
Regular price INR. 395 Sale price INR. 316
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392690259

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
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