Khoi-Khoi Gandh
Khoi-Khoi Gandh
Ghamandilal Agarwal
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डॉ. घमंडीलाल अग्रवाल का नाम साहित्यकारों की अग्रगणीय पंक्ति में आता है। मुझे यह कहने में ज़रा भी संकोच नहीं कि डॉ. अग्रवाल के विचारों की भावभूमि अत्यंत उदात्त है। उनका कल्पनालोक न केवल आकाश की असीमता में समाहित है, वरन् समुद्र की गहराइयों से मोती चुनकर लाता है और इस जगत् के अंतर्मन में प्रवेश कर विचारों की ऐसी अभिव्यक्ति करता है कि पाठक भावविभोर हुए बिना नहीं रह सकता ।
वर्तमान में जहां समाज में चारों तरफ वर्गवाद, जातिवाद, प्रांतीयता, सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी का बोलबाला है, वहां डॉ. अग्रवाल आशावादी दृष्टिकोण रखते हैं और सांप्रदायिक सौहार्द, मानव-प्रेम, देश-प्रेम और नैतिकता के गीत गुनते हैं। 'खोई-खोई गंध' गीत-संग्रह में डॉ. घमंडीलाल अग्रवाल के इन भावों की सहज अभिव्यक्ति हुई है। इस संग्रह में विविध रंगों के पुष्प रूपी गीत लेकर 101 मनकों की माला तैयार की गई है। इसका एक-एक मनका जागृति पैदा कर नया जोश व उमंग भरकर दिग्भ्रमित समाज को उचित मार्ग की दिशा प्रदान करता है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789395960458
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
