Skip to product information
1 of 1

Kishoravastha Mein Bhavishya Ka Nirman Kaise Karien

Kishoravastha Mein Bhavishya Ka Nirman Kaise Karien

Aacharya Krishan Kumar Garg

SKU:

साधारण रूप से मनुष्य जीवन के चार भाग ही हैं- बाल, किशोर, युवा और वृद्ध। इस पुस्तक में हमने किशोरावस्था को लिया है तथा अपने चारों ओर होने वाली सत्य घटनाओं को लेकर यह समझाने का प्रयास किया है कि किस प्रकार एक किशोर अपने आगे आने वाले जीवन को सफल तथा उन्नतिशील बना सकता है। ऐसे स्वभाव को, ऐसे संस्कारों को तथा ऐसे सिद्धान्तों को अपना सकता है जो उसके जीवन में सुदृढ़ स्तम्भ के रूप में सिद्ध हों, जिन पर वह अपने भविष्य के सपनों का महल खड़ा कर सके और उन्हें साकार कर सके।

यद्यपि यह पुस्तक किशोरों के लिए है लेकिन प्रारम्भ के कुछ पाठ उनके लिए न होकर उनके अभिभावकों तथा संरक्षकों से अधिक सम्बंधित हैं। क्योंकि प्रारम्भ में लगभग कक्षा आठ तक बच्चा स्वयं कोई निर्णय लेने के न तो योग्य होता है और न कोई सुनता है बल्कि उसे उसका बचपना, बाल-बुद्धि माना जाता है। अतः अभिभावकों को चाहिए कि अपने बच्चों के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए इन पाठों को पढ़ें और मनन करें।

Quantity
Regular price INR. 396
Regular price INR. 495 Sale price INR. 396
Sale Sold out
Shipping calculated at checkout.

Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789391628383

Binding

Age Group

  • All Age Groups
  • Adults

No. of pages

Book Dimension

Item Weight

View full details