Kranti Yug ke Desh Bhakt
Kranti Yug ke Desh Bhakt
Rajendranath Baxi
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भारत पर अंग्रेजों ने लगभग 90 वर्षों तक राज किया था। इस अवधि में ब्रिटिश शासकों ने भारतीयों पर जो जुल्मों-सितम किया था तथा भारत के योद्धाओं व क्रान्तिकारियों ने जिस साहस से उनका सामना किया था तथा अपने देश की स्वाधीनता के लिए इन लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर अपने प्राणों की भी आहुति दे दी थी, उन लोगों में से कई लोगों के नाम जनता जान गई थी परन्तु कई ऐसे लोग भी थे जिनका नाम लोग जान भी न सके थे। देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले ऐसे ही लोगों का विवरण इस पुस्तक में समाहित किया गया है ताकि वर्तमान भारत के लोगों को, उन त्यागियों व बलिदानियों की जानकारी मिल सके तथा लोग समझ सकें कि भारत की स्वाधीनता के लिए कितने लोगों को और कैसे, अपने प्राणों की भी बलि देनी पड़ी थी और तब जाकर भारत स्वाधीन हो सका था। अपने देश की स्वाधीनता के लगभग 74 वर्षों पश्चात्, आज आम लोगों में देश भक्ति की भावना विलुप्त-सी होती जा रही है तथा देशहित व आम जनों के हित की भावना भी विलुप्त-सी हो गई है। इसी कारण उन बलिदानियों की देशहित में अपना सर्वस्व ही नहीं बल्कि अपने प्राण भी न्योछावर करने की भावना को आम जनों को अवगत कराने हेतु 'क्रांति युग के देशभक्त' पुस्तक को लिखा गया है, ताकि वर्तमान भारत के लोगों में भी देशहित व जनहित की भावना जाग्रत हो सके।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392605307
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
