Skip to product information
1 of 1

Kya Sab Kuchh Hai Paisa

Kya Sab Kuchh Hai Paisa

Rajender Pandey

SKU:

पैसा सारी समस्याओं का तोड़ है और पैसा का तोड़ दूसरी कोई भी चीज नहीं है। पैसे का तोड़ अगर कोई चीज है तो वह स्वयं पैसा ही है। इसलिए पैसा सबकुछ है। दुनिया के सारे काम पैसे के बिना हो ही नहीं सकते हैं, यहां तक कि व्यक्ति को किसी विषय पर सही सलाह पैसा देकर ही मिल सकती है। पैसे से ही आज सारी जरूरतें पूरी होती हैं, इसीलिए व्यक्ति का अस्तित्व पैसे से ही है और पैसे के बिना वह बिना प्राण के शरीर के समान ही है। पैसा नहीं है तो उसकी अपनी कोई पहचान भी नहीं है। सारी इच्छाओं की पूर्ति का एकमात्र साधन पैसा ही है, इसलिए पैसा सब कुछ न होते हुए भी सबकुछ है, इस सत्य को न तो नकारा जा सकता है और न झुठलाया ही जा सकता है। व्यावसायिक रिश्ते हों या व्यतिगत रिश्तें सब पैसे को देखकर ही बनते हैं। 'क्या सब कुछ है पैसा' पुस्तक पढ़ें और अपनी राय से अवगत कराएं।

Quantity
Regular price INR. 396
Regular price INR. 495 Sale price INR. 396
Sale Sold out
Shipping calculated at checkout.

Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789383349012

Binding

Hard Cover

Age Group

  • All Age Groups
  • Adults

No. of pages

Book Dimension

Item Weight

View full details