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Lokpriya Kavi Surdas

Lokpriya Kavi Surdas

R. Pandey

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महाकवि सूरदास भारतीय कवियों में शिरोमणि हैं। सूरदास सूरसागर एक ऐसा महासागर है, जिसमें अनमोल असंख्य रत्नों का भंडार है। ‘हरि अनंत हरि कथा अनंता’ के समान महाकवि सूर की पदावलियाँ हैं, जिनका भावार्थ ह्रदय की गहराइयों में डूबकर ही लगाया जा सकता है। सूर ने कृष्ण के बाल-रूप का चित्रण जितनी सहजता और स्वाभाविकता से किया है, वैसा सजीव चित्रण किसी भी भाषा के साहित्य में मिलना दुर्लभ है। राधा-कृष्ण के प्रेम का अनूठा चित्रण भी सूर के साहित्य में प्रचुरता से उपलब्ध है। सूर के कुछ चुनिंदे पद और उनके भावार्थ प्रस्तुत पुस्तक में बड़ी ही सहज भाषा में दिए गए हैं। पाठकगण प्रसंद करेंगे।

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Regular price INR. 360
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392684364

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
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