Maharaja Ranjeet Singh
Maharaja Ranjeet Singh
Rampal Singh
SKU:
पंजाब केसरी महाराजा रणजीत सिंह का नाम हमारे इतिहास में बड़े गौरव एवं सम्मान से स्वर्णाक्षरों में लिखा गया है। प्रतापी रणजीत सिंह का जन्म 13 नवम्बर 1780 को गुजरावाला में हुआ था। इनके पूज्य पिताजी का नाम महा सिंह और माता का नाम माई मालवाइन था। दुर्भाग्यवश बचपन में चेचक से उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई थी। 12 वर्ष की उम्र में अपने पिता की मृत्यु के बाद वह सुकर चाकिया मिसल के सरदार बने। महाराजा रणजीत सिंह (1780-1839) सिख साम्राज्य के संस्थापक थे, जो 1801 से 1839 तक पंजाब के शासक रहे। उन्होंने पंजाब को एकीकृत किया, एक शक्तिशाली सेना का निर्माण किया और 'शेर-ए-पंजाब' के नाम से प्रसिद्ध हुए। वे अपनी धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाने जाते थे और उनका साम्राज्य आर्थिक रूप से समृद्ध हुआ, जो कश्मीर से लेकर लद्दाख तक फैला। महाराजा रणजीत सिंह की रियासत पंजाब में अंग्रेज भी कदम रखते हुए डरते थे। वे पंजाब के सर्वशक्तिशाली राजा थे परन्तु दुर्भाग्य से उनकी मौत के बाद उनका उत्तराधिकारी इस योग्य नहीं था कि शासन व्यवस्था को संभाल सके। अतः धीरे-धीरे सिख साम्राज्य सिमटता चला गया और अंत में अंग्रेजों ने उसे अपने अधिकार में ले लिया। यह पुस्तक पंजाब के उस राजा की संक्षिपत कहानी है जिसकी बहादुरी की चर्चा पूरे भारत में होती है।
Couldn't load pickup availability
Share
Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392677281
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
136
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.5 cm
Item Weight
Item Weight
320 grams
