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Mahilaon Ke Kanooni, Dharmik Evam Samajik Adhikar

Mahilaon Ke Kanooni, Dharmik Evam Samajik Adhikar

Shanti Kumar Sayal

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आज हमारे देश में जो अनगिनत समस्याएं छाई हुई हैं उन्हें सुलझाने में देश की नारियाँ अत्यंत महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। राष्ट्र का मंगल, समाज का कल्याण और अपना व्यक्तिगत हित ध्यान में रखते हुए नारी को अज्ञान के अन्धकार से निकालकर प्रकाश में लाना होगा। चेतना देने के लिए उसे शिक्षित करना होगा। सामाजिक एवं नागरिक प्रबोध के लिए उसके प्रतिबन्ध हटाने होंगे और भारत को भावी सन्तान के लिए उसे ठीक-ठीक जननी का आदर देना ही होगा। आज का युग नारी-स्वतंत्रता का युग कहा जाता है। वस्तुतः आज भारतीय नारियों को पहले की अपेक्षा बहुत अधिक स्वतंत्रता मिली है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता, किन्तु उस स्वतंत्रता को वास्तविक भूमि अभी भी नहीं मिल सकी है। इस पुस्तक का मात्र उद्देश्य यह है कि नारियों को उनके अधिकारों समाज में नारियों को जितने भी अधिकार प्राप्त हैं, जैसे कानूनी, धार्मिक, सामाजिक, व्यावसायिक, पारिवारिक, भावनात्मक, वैवाहिक, राजनीतिक, सौन्दर्य व काम-काजी महिलाओं के अधिकार आदि हैं तथा उनके प्रयोग सम्बन्धी व्यावहारिक जानकारी देकर उनमें नई जागृति लाई जाए, क्योंकि समाज तभी तरक्की कर सकता है जब नारियाँ जाग्रत होंगी और उन्हें अपने अधिकारों के प्रयोग व दुरुपयोग की जानकारी होगी, ऐसा हमारा विश्वास है।

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Regular price INR. 716
Regular price INR. 895 Sale price INR. 716
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9788195952113

Binding

Hard Cover

Age Group

  • All Age Groups
  • Adults
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