Mahilaon ke Prati Apradh Kaise Rukein
Mahilaon ke Prati Apradh Kaise Rukein
Dr.Shobha Agarwal
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अमर्यादित यौनाचरण या घरेलू हिंसा के अनेकानेक कारण हो सकते हैं। मूल कारण है- मस्तिष्क का सहज न होना। जब बच्चे का जन्म होता है, तब उसका जीवन व मस्तिष्क सहज होता है। अतः आवश्यकता इस बात की है कि बच्चे का सहज विकास होने दिया जाए, तब वह अपराधी मानसिकता का बनेगा ही नहीं। महिला अधिकारों व घरेलू हिंसा से बचाव के कानूनों को विस्तृत रूप में वर्णित किया गया है। साथ ही नागरिकों के मूल कर्तव्यों से भी अवगत करवाया गया है। तथ्यों की सुस्पष्टता के लिए महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम से सम्बन्धित प्रेरक कहानियाँ भी दी गई हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग व राज्य महिला आयोगों के पते, हेल्पलाइन नंबर, ई मेल व दूरभाष आदि, तथा राष्ट्रीय एवं राज्य मानव अधिकार आयोगों (एन.एच.आर.सी.) की भूमिका पते, फोन, ई-मेल व वेबसाइट आदि भी दिए गए हैं।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392608131
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
