Man Ki Shanti se Labh
Man Ki Shanti se Labh
Rajender Pandey
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मन की शांति बहाल हो जाती है, तो फिर व्यक्ति की सोच भी सकारात्मक स्वाभाविक रूप से होती चली जाती है। वह जब कुछ सोचता है या कुछ करने का निर्णय लेता है तो उसको सफलता अवश्य ही मिलती है क्योंकि उसका मन चैन और शांति की बाँहों में आराम कर रहा होता है। आजकल अस्सी प्रतिशत से भी ज्यादा लोगों का मन अशांत है, बेचैन है और डरा-सहमा हुआ है। आज विवाह होता है और अगले दिन से ही तलाक की बात होने लगती है। जितने भी संबंध हैं, उन सबका ही आधार पैसा है। जिसके पास पैसा है, पॉवर है, उसके साथ अपने भी और पराए भी संबंध बनाकर रखते हैं, और जिनके पास कुछ भी नहीं है, देने के लिए केवल प्रेम है, उसके साथ कोई भी संबंध बनाना नहीं चाहता है। आज तनाव कई रास्तों से आकर व्यक्ति पर हमला बोल रहा है और मन की शांति और चैन को लूट रहा है। आप इस पुस्तक को पढ़ें और मन की शांति को बहाल करें।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9788198778123
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
