Man Ko Shaant Karne Ke Upay
Man Ko Shaant Karne Ke Upay
R.Kumar Pandey
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'मन के हारे हार है, मन के जीते जीत' और 'तोरा मन दर्पन कहलाए' आदि उपमाएँ मन के लिए विद्वानों ने इस्तेमाल की हैं। मन आपका स्वस्थ नहीं है तो निश्चित रूप से आप भी स्वस्थ नहीं हैं। आधुनिक जीवन के दबावों को आजकल हर व्यक्ति महसूस करता है और दिन-भर भागते-भागते शाम तक मानसिक रूप से इतना थक जाता है कि वह गुस्सा और झुंझलाहटों से भर जाता है। काम की अधिकता, व्यस्त जीवन शैली, जिम्मेदारियों की अधिकता और रिश्तों में आया स्पेस मन को बेचैन, अशांत और तनावग्रस्त करता है। आजकल रिश्ते जितनी तेजी से बनते हैं, उतनी ही तेजी से टूट भी जाते हैं और यह टूटन मन को उद्विग्न, उग्र और बेचैन कर देती है। आपका मन भी उद्विग्न, तनावग्रस्त और बेचैन है, तो आप उसके कारणों को ढूँढ़ें, फिर अपने स्तर पर सूझ-बूझ से मन को शांत करें क्योंकि अशांत मन आसानी से ऊब जाता है और शांत मन रचनात्मक तथा आत्मविश्वासी होता है। शांत मन जीवन को आनंदित और प्रफुल्लित रखता है।
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Language
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- HIN- Hindi
ISBN
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9789392713323
Binding
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Hard Cover
Age Group
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- All Age Groups
- Adults
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