Manavadhikar Aur Bharat
Manavadhikar Aur Bharat
Dr. P.K.Sharma
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"जब किसी समाज या राष्ट्र में लोगों को योजनाबद्ध तरीके से मानवाधिकारों से वंचित किया जाता है तो इसका मतलब यह है कि उन वंचित जनों को मानवाधिकार प्राप्त करने के लिए या अपना हक लेने के लिए क्रांतिकारी बनाया जा रहा है।" जब भी किसी समाज या राष्ट्र में इंसानों से उनके जीने का हक और स्वतंत्रता के अधिकार को छीना जाता है तो पीडित और शोषितजनों के अंदर क्रांति और प्रतिशोध की चिंगारी अवश्य जन्म लेती है। यह छोटी-सी चिंगारी आगे चलकर बड़े से बडे आंदोलन या क्रांति का हिस्सा बन जाती है। मानवाधिकार संसार के प्रत्येक देश और प्रत्येक समाज के लोगों की अमूल्य संपत्ति है। जिन समाजों में मानवाधिकारों को सम्मान और संरक्षण प्राप्त नहीं होता है, वे सभ्यता और विकास की दौड़ में पिछड़ जाते हैं, शेष दुनिया से अलग-थलग पड़ जाते हैं।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392713330
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
