Miyan Munakka ke Kisse
Miyan Munakka ke Kisse
Dr. Mohd. Arshad Khan
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मियाँ मुनक्का एक ऐसा व्यक्ति जो चौगोशिया टोपी, कमरताइयों वाली अचकन, पैरों में मुड़े हुए पेशावरी जूते, आँखों में सुरमें की लकीरें और बारीक मूँछों वाला । कोई एक बार देख ले तो अजायबघर जाने की न सोचे। काम-धाम कुछ करना नहीं। दिनभर इधर-उधर निठल्ले घूमते रहना। उधार इतना खो चुके हें कि मुँह छिपाए फिरते हैं। उधार देने वाले उन्हें ऐसे ढूँढते हैं, जैसे बिल्ली चूहे को। मियाँ मुनक्क का जुमला है ‘‘अजगर करे न चाकरी, पंछी करै न काम--।’’ खाली वह जरूर रहते हैं और अपनी उल्टी-सीधी हरकतों से खुद तो फँसते ही हैं और मुहल्लेवालों को भी अटकाते रहते हैं। उनकी हरकतों से रोज एक-न-एक नया किस्सा तैयार हो जाता हैं। उनके ऐसे कुछ किस्सों की है यह पुस्तक, जो आपको हँसाते-हँसाते लोट-पोट कर देगी। सरल, सुबोध भाषा शैली की यह पुस्तक सचित्र, बड़े अक्षरों तथा सुन्दर आवरण लिए सजिल्द है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392608186
Binding
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Hard Cover
Age Group
Age Group
- Kids
No. of pages
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Book Dimension
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