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Modern Family Ki Problems

Modern Family Ki Problems

Rajender Pandey

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आधुनिक समाज यदि सबसे अधिक परेशान और दुःखी है तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार भी है। आज संयुक्त परिवार न के बराबर ही हैं और एकल परिवार गाँवों में भी और शहरों में भी पर्याप्त संख्या में हैं। एकल परिवार में पति, पत्नी और बच्चे ही होते हैं। एकल परिवार में समस्या-ही-समस्या है, इसके सिवा और कुछ भी नहीं है। एकल परिवार में पलने-बढ़ने वाले बच्चे न तो रिश्तों को जानते हैं, न ही नैतिकता का ज्ञान प्राप्त कर पाते हैं, न ही मर्यादा का अर्थ समझते हैं और न ही शोरगुल और भीड़भाड़ को ही बर्दाश्त कर पाते हैं जिससे उनमें बर्दाश्त करने की क्षमता का अभाव हो जाता है। वे चिड़चिड़े और गुस्सैल प्रवृति के हो जाते हैं। बच्चे इतनी सुविधाओं में रहकर पढ़ रहे हैं और जब बड़े होते हैं और पढ़-लिखकर पैसा कमाने लगते हैं तब माता-पिता से भर मुँह बात नहीं करते और कुछ कहने या पूछने पर उलटे ही जवाब देते हैं। आज की सबसे बड़ी समस्या बिगड़ैल बच्चों से निपटना है।

अब सवाल यह उठता है कि बच्चों का इतना बद्तमीज किसने बनाया है। बच्चों को आधुनिक व्यवस्था, आवश्यकता से अधिक मिली आजादी तथा माता-पिता का असीम लाड़-प्यार ही उदंड और बद्तमीज बना रहा है। बच्चों को आपका अतिरिक्त प्यार बिगाड़ता है और उन्हें कर्त्तव्यनिष्ठ, मेहनती, ईमानदार तथा तमीज में रहकर बात करने वाला बनाना है तो इस पुस्तक का पठन करें जिसमें बच्चों के प्रति अपने कर्त्तव्यों का निर्वाह कैसे करना है आदि सभी तरीके बताये गए हैं ताकि बच्चे कर्त्तव्यनिष्ठ, मेहनती तथा ईमानदार बनकर आपका नाम रोशन कर सकें।

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Regular price INR. 396
Regular price INR. 495 Sale price INR. 396
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392602184

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
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