Mohabbat Ki Barish Mein
Mohabbat Ki Barish Mein
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भर लूँ जो बाहुपाश में तुम्हारी देह के दरिया को चाहतों के शामियाने में फूलों-सा बदन चुराती रहो मैंने तुम्हें चाहा है। - 'मैंने तुम्हें चाहा है' आँखों में बंगाल का जादू है रुख पे कश्मीर की रंगत मिज़ाज में दिल्ली की दिल्लगी अदा में लखनऊ का अदब बला की खूबसूरत हो तुम। - 'बला की खूबसूरत हो तुम' दोपहर जो तुम्हारे पैरों में शूल-सी चुभने लगती छूकर नाजुक एड़ियों को होंठों से चाहत का मरहम लगाता बिना शर्त का प्रेम। - 'बिना शर्त का प्रेम' यह निगाहों की कटार लबों पे तबस्सुम के सिक्के जुल्फों के मस्त झुमके नाक पे गुस्से के ठुमके गिरफ्तार हो गया हूँ आपके हुस्न की बेड़ियों में। - 'आपके हुस्न की बेड़ियों में' रूप के सुवर्णद्वीप पर जो दिलकश हसीन नाभि है अलादीन के बेशुमार खजाने की मायावी चाबी है अजब-सा इक जादू है तुम्हारी देह की दुनिया में। - तुम्हारी देह की दुनिया में
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