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Muthi Bhar Khushi

Muthi Bhar Khushi

Julius Ashok Shaw

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ईसाई समाज के इर्द-गिर्द घूमती जुलियस अशोक शॉ की कहानियाँ हिन्दी साहित्य की उस कमी को पूरा करती हैं जिससे पाठक अब तक वंचित रहे हैं। अपने आसपास जद्दोजहद करती ज़िन्दगी से जुड़ी शॉ की कहानियाँ एक अलग ही छाप छोड़ती हैं। एक तरफ जहाँ उनकी कहानियों में बुराई पर अच्छाई की विजय, हृदय परिवर्तन और शांति की ज़िन्दगी बसर करने की प्रेरणा मिलती है, वहीं दूसरी ओर उनकी कहानियाँ ईसाई समाज को जानने-समझने का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं। - डॉ. ध्रुव कुमार जुलियस अशोक शॉ की कहानियाँ अत्यन्त ही हृदयस्पर्शी होती हैं. विशेषकर मध्यवर्गीय लोगों की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को सहज भाषा में अभिव्यक्त करती हैं। ऐसे समाज के लोग के निरंतर संघर्ष और उनसे उबरने की चेष्टा दर्शाती है। मुझे विश्वास है इस संकलन की कहानियाँ पाठकों के मन में बस कर उन्हें दीर्घकाल तक उद्वेलित करती रहेंगी। मेरी शुभकामनाएँ। - डॉ. गीता पुष्प शॉ

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Hard Cover

Author

Julius Ashok Shaw

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