Nari Apradh Samasayein Aur Samadhan
Nari Apradh Samasayein Aur Samadhan
Shanti Kumar Sayal
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भारतीय नारियों का जीवन आज उनके प्रति बढ़ते अपराधों के कारण असुरक्षित, अपमानित, पीड़ादायी एवं नारकीय बनता जा रहा है। यौनाचार तथा बलात्कार की इतनी अमानवीय घटनाएँ घट रही हैं। भेदभाव, छेड़छाड़, फब्तियाँ कसना, बुरी नजर से देखना, बदन छूना, व्यभिचार, बलात्कार, हत्या करना या आत्महत्या करने को मजबूर करना, घर से निकाल देना, संपत्ति छीनना या वेश्यावृत्ति कराना आदि कार्य उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाते हैं। बलात्कार मात्र दुराचार का मामला नहीं है, यह स्त्री के व्यक्तित्व को जड़ से नकार देने वाली दुर्घटना भी है। यह हत्या से भी भयंकर अपराध है, जिसकी हत्या होती है वह एक लाश बन जाती है, मगर जिस महिला के साथ वह हादसा घटित होता है वह जीवन-भर के लिए जीवित लाश बनकर रह जाती है। बलात्कार की शिकार स्त्रियाँ यौन दुराचार से अधिक दुर्घटना के बाद घर, परिवार एवं समाज के द्वारा उत्पीड़ित होती हैं। प्रस्तुत पुस्तक में अपराधों से पीड़ित नारी के अनुभवों, समस्याओं, कारणों, कानूनों और उनके समाधान को मूल स्वरूप में रखने का प्रयास किया गया है।
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Language
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- HIN- Hindi
ISBN
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9788119052226
Binding
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Hard Cover
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- All Age Groups
- Adults
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