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Nari Vishwa Kosh

Nari Vishwa Kosh

Shanti Kumar Sayal

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भारतीय इतिहास के महासागर में नारी रत्नों की भरमार है। यहाँ रानी अपना शीश काटकर थाली में रख देती हैं। बेटी अपने पिता को मुखाग्नि देती है। वीर सिपाही की अर्द्धाग्नी अपने पति की अर्थी को कंधा देती है। स्वाधीनता संग्राम को सफल बनाने में सैकड़ों देश-भक्त नारी रत्नों ने त्याग, बलिदान, साहस और कूटनीति को प्रदर्शित किया है। इन वीरांगनाओं ने योगदान देकर अपना स्नेह, वात्सल्य, करुणा आदि स्त्रियोचित गुणों के साथ-साथ उदम्य साहस, शौर्य, त्याग आदि वीरोचित गुणों का भी परिचय दिया है। यहाँ महारानी लक्ष्मी बाई जैसी वीरांगना हुई वहीं मदर टेरेसा जैसी सेविका भी हुई।

असंख्य मणि-मुक्ताएं छिपी हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य धारण कर तथा साहस से काम लिया और समय-समय पर बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नारी असीम शक्तियों की स्वामिनी है और समय पड़ने पर उसने अपनी शक्ति का प्रयोग किया है। आज सभी क्षेत्रों में महिलाओं का योगदान बढ़ रहा है तथा उनकी उपस्थिति दर्ज होने लगी है। आज वह घर की दहलीज को पार कर अपनी जमीन तलाशती, चाहे राजनीति हो या साहित्य, फिल्म हो या पत्रकारिता, व्यापार हो या समाज-सेवा, खेल हो या विज्ञान, डाक्टर हो या अभियंता, नेता हो या अभिनेता या फिर प्रशासक सभी क्षेत्रों मे 'नारी शक्ति प्रमुखता से दिखाई दे रही है। नारी की भूमिका सदैव से अत्यंत गरिमामयी और महत्वपूर्ण रही है। प्रस्तुत कोश में 1656 अपने देश तथा विदेश की तमाम शीर्ष हस्तियों को शामिल किया गया है जिनकी सफलता का अंतिम शिखर इनके कदमों के नीचे है।

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Regular price INR. 796
Regular price INR. 995 Sale price INR. 796
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392677328

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults

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Book Dimension

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