Nausena ka Itihas
Nausena ka Itihas
Virender Singh
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भारतीय नौसेना देश की सैन्य ताकत का बहुत अहम हिस्सा है। यह देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है। भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी भारतीय नौसेना का अहम योगदान है। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। वर्तमान में भारतीय नौसेना अपने विशालकाय और एडवांस फीचर से लैंस युद्धक पोतों, सबमरीन्स के बलबूते दुनिया भर में चौथे स्थान पर आती है। 17वीं शताब्दी के मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी भोंसले को भारतीय नौसेना का जनक माना जाता है।
भारतीय नौसेना की स्थापना 1612 में हुई थी। ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी मैरीन (East India Company's Marine) के रूप में सेना बनाई थी। साल 1686 तक ब्रिटिश व्यापार पूरी तरह से बॉम्बे में स्थानांतरित हो गया। इसके बाद इस दस्ते का नाम ईस्ट इंडिया मरीन से बदलकर बॉम्बे मरीन (Bombay Marine) कर दिया गया। बॉम्बे मरीन ने मराठा, सिंधि युद्ध के साथ-साथ साल 1824 में बर्मा युद्ध में भी हिस्सा लिया। साल 1892 में इसका नाम रॉयल इंडियन मरीन कर दिया गया। भारत की आजादी के बाद 1950 में नौसेना का गठन फिर से हुआ और इसे भारतीय नौसेना नाम दिया गया।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
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9789392734533
Binding
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Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
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224
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.7 cm
Item Weight
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470 grams
