Naxalvaad Samasya Aur Samadhan
Naxalvaad Samasya Aur Samadhan
Dr. Virendra Singh Baghel
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भारत में नक्सलवाद का उदय व्यवस्था के पुनर्निर्माण को लेकर विकसित हुई एक निश्चित उग्रपंथी विचारधारा की परिणति है। भारत में इसका उदय भी कुछ इन्हीं विचारों के चलते पश्चिम बंगाल में नक्सलवाड़ी में हुआ। आज यह सशस्त्र आंदोलन क्षेत्रीय और भौगोलिक सीमाओं को लांघकर देशभर में रेड कॉरीडोर के नाम से जाना जाता है। देश के कोई 13 राज्य- आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, कनार्टक और उत्तर प्रदेश इस आंदोलन की सक्रिय गतिविधियों का केन्द्र बने हुए हैं। वहीं कुछ अन्य राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों (नई दिल्ली सहित) में अपनी गतिविधियों को किसी-न-किसी तौर पर संचालित कर रहे हैं।
नक्सलवादियों के द्वारा शासन तंत्र को वामपंथी तेवरों के साथ अपने अनुरूप ढालने की कोशिशों में व्यक्तिगत और सामुदायिक हिंसा को लेकर भले ही इस आंदोलन में असहमति जताई जा सकती हो, लेकिन जिन क्षेत्रों में नक्सली सक्रिय हैं वहाँ के स्थानीय रहवासियों का शोषण करने की कल्पना भी कोई सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और ठेकेदार नहीं कर सकता है। नक्सलवाद के यह दो दृश्य सिक्के के दो पहलुओं की तरह हैं जिसके समग्र मूल्यांकन के बिना नक्सलवाद पर बहस बेमानी है। आईये जाने, आखिर क्या कारण है कि आजादी की अर्धशताब्दी गुजर जाने के बाद भी नक्सवादियों के साथ ही देश के विभिन्न भागों में कई दूसरे सशस्त्र गुट क्षेत्रीय स्वायत्तता और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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Language
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ISBN
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9789391856656
Binding
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Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
