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Neeraj Rachnawali (3 Vols. Set)

Neeraj Rachnawali (3 Vols. Set)

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मैं विद्रोही हूँ, जग में विद्रोह करने आया हूँ, क्रान्ति क्रान्ति का सरल सुनहरा राग सुनाने आया हूँ। गाँधी ग्राउंड, दिल्ली में हो रहे कवि सम्मेलन में एक बीस वर्षीय तरुण कवि की इन मधुर स्वर-लहरी से युक्त पक्तियों की गूंज से पाण्डाल में उपस्थित लोग तो मन्त्र- मुग्ध हो रहे थे और साथ ही साथ सड़कों पर चलने वाले राह्गीरों के पैर भी रुक गए थे। फिर क्या था कि देखते-देखतेनीरजका नाम उन्नति के चरम शिखर पर पहुँच गया। यह समय था जब देश में कवि-सम्मेलनों की धूम मची थी। कवि-सम्मेलनों को जो लोकप्रियता किसी समयबच्चनद्वारा मिली थी, उसमेंनीरजने चार चाँद लगा दिए थे। यहाँ तक किनीरजको कवि-सम्मेलनों का राजा तक कहा जाने लगा। इन्हींनीरजकी सभी रचनाओं का संकलन हैनीरज रचनावलीतीन खण्डों में। जिसमें गीत, काव्य, मुक्तक, रूबाईयाँ हैं जो ज्येष्ठ की तपती धूप में आपको ठंडक का अहसास दिलाऐंगी।

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