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Nirbhaya Vol. 2

Nirbhaya Vol. 2

Dr. Pavitra Kumar Sharma

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16 दिसम्बर, सन 2012 ई. की उस मनहूस रात से भला कौन परिचित नहीं है, जब दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में 23 वर्ष की मासूम लड़की 'निर्भया' के साथ चार दरिन्दों ने मिलकर हैवानियत का घिनौना काम किया था। उन्होंने न केवल बलात्कार किया बल्कि लोहे की रॉड से उसके अंगों को भी क्षत-विक्षत कर डाला था। इस वजह से निर्भया के अंगों में संक्रमण फैल गया और दिल्ली के अस्पताल में बारह दिन की मौत यंत्रणा भुगतने के बाद 29 दिसम्बर, सन 2012 को वह हमेशा-हमेशा के लिए चिरनिद्रा में लीन हो गयी। लगभग दो वर्ष पूर्व घटित हुए उस दर्दनाक वाकिए ने समस्त देशवासियों के साथ भारत की अन्तरात्मा को भी अंदर ही अंदर बुरी तरह तोड़ डाला था।

यह पुस्तक निर्भया नामक उस दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि है। उसको निर्भया नाम भी भारतीय समाज के लोगों द्वारा ही दिया गया है। यद्यपि कई लोगों ने उस वीर युवती को 'दामिनी', 'ज्योति', 'अमानत', 'दिल्ली वीर हृदया' तथा 'भारत पुत्री' आदि नाम भी दिए। इस उपन्यास में निर्भया के जन्म के पहले से लेकर उसकी मृत्यु के बाद तक की घटनाओं का जिक्र किया गया है। उपन्यास में गति, तारतम्यता और कथाप्रवाह बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर कल्पना का भी सहारा लिया गया है। यह उपन्यास निर्भया के साथ घटी सत्य घटना पर आधारित है। निर्भया की सच्चाई क्या है, यह तो आप इस उपन्यास को पढ़कर ही जान सकेंगे।

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Regular price INR. 800
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392708428

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
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