Nishastrikaran Ka Mahatva
Nishastrikaran Ka Mahatva
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विश्व में नाभिकीय हथियारों की लगातार भरमार हो रही है। इन हथियारों को बहुत घातक बना दिया गया है। निरन्तर बदलती प्रौद्योगिकी ने इन हथियारों के प्रक्षेपण को बहुत सटीक बना दिया है। नाभिकीय हथियारों की कुल संख्या 50,000 को पार कर चुकी है। और यह संख्या मानव जाति को कई बार नष्ट करने के लिए पर्याप्त से भी अधिक है। शस्त्र नियन्त्रण और निःशस्त्रीकरण के लिए कुछ कदम उठाए तो गये लेकिन वो इतने प्रभावी और व्यापक नहीं रहे फिर भी इन उपायों के परिणाम स्वरुप कई सन्धियों पर हस्ताक्षर हुएं। ये सन्धियां दोनों महाशक्तियों के बीच या तो द्विपक्षीय, या फिर बहुपक्षीय किस्म की है। आवश्यकता इस बात की है कि शस्त्रों का त्याग किया जाये जिससे विश्व शान्ति रह सके।
शस्त्रीकरण के कारण विश्व राष्ट्रों में भय व मनमुटाव पैदा होता है। जबकि निःशस्त्रीकरण के द्वारा भय या मनमुटाव को कम करके आपसी विवादों को शान्तिपूर्ण ढंग से हल किया जा सकता है। इस पुस्तक में इन सभी मुद्दो का पता लगाने तथा इनका विश्लेषण करने का प्रयास किया गया है ताकि सभी स्तर पर आवश्यक दृष्टिकोण और स्थिति का आकलन किया जा सके। परमाणु राष्ट्रों से यह अपील की जाये की शान्ति व्यवस्था बनाने के लिए शस्त्रों का निर्माण रोक दिया जाये और उन्हें नष्ट कर दिया जाये। इस पुस्तक मे निःशस्त्रीकरण के महत्व को दर्शाया गया है। इसी के साथ-साथ राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में इसका विस्तार करना और महत्वपूर्ण मसलों का भी सम्यक अध्ययन किया गया है।
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- HIN- Hindi
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9789392732393
Binding
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Hard Cover
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- Adults
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