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Pakistan ki Ranniti Aur Bharat

Pakistan ki Ranniti Aur Bharat

Vimla Devi

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जबकि पाकिस्तान समझ रहा था कि अभी भारत अपनी हार के क्षेत्र से नहीं उभर पाया है तथा भारत-पाक युद्ध में उसे चीन से सहायता मिलेगी। पाकिस्तान शुरू से ही अपना निशाना साधे हुए था। वह सन् 1947-48 से ही इस अवसर की तलाश में था कि भारत जब भी घायल अवस्था में अपने घाव पर मरहम लगा रहा होगा तभी घात लगाकर उस पर आक्रमण कर दिया जाए। चीन से हार के बाद भारत की स्थिति एक घायल शेर की तरह थी। अतः पाकिस्तान ने इस अवसर का लाभ उठाना उचित समझा। भारत सरकार ने भारत की सुरक्षा के लिए जो भी कदम उठाए जा सकते थे, उन्हें तुरंत उठाया जिससे कि भविष्य में होने वाले खतरे का सामना किया जा सके। सन् 1962 की हार सेना के लिए एक सबक था जिसको भारत सरकार ने अनुभव किया। अतः जो भी सहायता सेना को सुदृढ़ करने के लिए की जा सकती थी, वह की गई।

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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9788196741754

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults

No. of pages

144

Book Dimension

22.5 cm x 15 cm x 1.5 cm

Item Weight

430 grams

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