Pandit Nehru ki 99 Etihasik Bhulein
Pandit Nehru ki 99 Etihasik Bhulein
Pavitra Kumar Sharma
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पराजित मानसिकता के परिणाम भयावह होते हैं। अंग्रेजी विद्वानों का बड़ा हिस्सा भारत को अशिक्षित और पिछड़ा बता रहा था। तमाम भारतीय विद्वान अंग्रेजों को भारत भाग्य निर्माता बता रहे थे। वामपंथी इतिहास विवेचन भारत के प्रति क्रूर है। ऐसा इतिहास भारत की प्रकृति, संस्कृति व वास्तविक नियति के लिए प्रेरित नहीं करता। नेहरू की शिक्षा-दीक्षा इंग्लैंड में हुई। वहाँ यूरोपीय इतिहास, सभ्यता, संस्कृति को पढ़ा।
भारतीय इतिहास को सही तरीके से नहीं पढ़ पाए। यही कारण था कि वे ऐतिहासिक गलतियाँ कर बैठे जिनका प्रस्तुत पुस्तक में विस्तार से वर्णन किया गया है। उनका स्वभाव, नास्तिक का रूप धारण कर चुका था। जब उनकी बात नहीं मानी जाती थी तो जल्दी ही क्रोधित हो जाते थे और मनमानी करने पर उतारू हो जाते थे।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789391856663
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
