Parivarik Aur Apsi Vivad Samsyaein Aur Samadhan
Parivarik Aur Apsi Vivad Samsyaein Aur Samadhan
Rajender Pandey
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जीवन अनमोल है, इसकी कद्र करना जरूरी है। किसी भी तरह की समस्या से निजात पाने के लिए परस्पर प्रेम करने की आवश्यकता होती है। प्रेम सब के अंदर ही होता है, सब में संभावनाएँ होती हैं और सब में ही विवादों से दूर रहने की इच्छा होती है, लेकिन समस्याओं का सामना करते-करते व्यक्ति कब क्रोधित हो जाता है और उससे अनजाने में ही अपराध हो जाता है, उसे पता ही नहीं चलता। इसीलिए स्वयं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होती है। जिनका स्वयं पर नियंत्रण होता है, उन्हें कोई भी समस्या परेशान नहीं करती है और वे हर समस्या का हल देर-सवेर ढूँढ़ ही लेते हैं। पारिवारिक और आपसी विवाद व्यक्ति को आजकल तोड़ते जा रहे हैं, उनसे निजात कैसे पाया जा सकता है, प्रस्तुत पुस्तक में इसका विधिवत उल्लेख है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392707285
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
