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Parivarik Aur Apsi Vivad Samsyaein Aur Samadhan

Parivarik Aur Apsi Vivad Samsyaein Aur Samadhan

Rajender Pandey

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जीवन अनमोल है, इसकी कद्र करना जरूरी है। किसी भी तरह की समस्या से निजात पाने के लिए परस्पर प्रेम करने की आवश्यकता होती है। प्रेम सब के अंदर ही होता है, सब में संभावनाएँ होती हैं और सब में ही विवादों से दूर रहने की इच्छा होती है, लेकिन समस्याओं का सामना करते-करते व्यक्ति कब क्रोधित हो जाता है और उससे अनजाने में ही अपराध हो जाता है, उसे पता ही नहीं चलता। इसीलिए स्वयं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होती है। जिनका स्वयं पर नियंत्रण होता है, उन्हें कोई भी समस्या परेशान नहीं करती है और वे हर समस्या का हल देर-सवेर ढूँढ़ ही लेते हैं। पारिवारिक और आपसी विवाद व्यक्ति को आजकल तोड़ते जा रहे हैं, उनसे निजात कैसे पाया जा सकता है, प्रस्तुत पुस्तक में इसका विधिवत उल्लेख है।

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Regular price INR. 396
Regular price INR. 495 Sale price INR. 396
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392707285

Binding

Hard Cover

Age Group

  • All Age Groups
  • Adults
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