Parvaton Evam Prakriti Ki God Se Gujarate Hue
Parvaton Evam Prakriti Ki God Se Gujarate Hue
Sardar Bali yayavar
SKU:
श्री बाली ने इस पुस्तक में लेह-लद्दाख जो अत्यंत ही दुर्गम स्थल हैं कि यात्रावृतांत को विशेष रूप से प्रस्तुत किया है। इस यात्रा का संयोग कैसे बना यह तो आप पुस्तक पढ़ कर ज्ञात कर सकते हैं किन्तु एक बात अवश्य है, एकाकी यात्रा उबाऊ होती है। मन-प्राणों को जो शांति प्रकृति की गोद में प्राप्त होनी चाहिए उसे एकाकीपन ही खा जाता है। कई दिनों तक किसी से बोलने, बात करने का अवसर नहीं मिलता।
लेह-लद्दाख जिनकी यात्रा इन्होंने विस्तार से की है, बौद्ध प्रदेश है। लामाओं की भूमि है। बौद्ध स्तूपों एवं स्थान-स्थान पर बौद्ध गुम्फाओं की उपस्थिति है। प्रतीत होता है कि इस यात्रा में इन्होंने बौद्ध धर्म का पूरी तरह अध्ययन ही कर लिया। अध्ययन केवल ग्रंथों से नहीं होता। हमारे यहाँ अध्ययन के साथ-साथ श्रवण एवं दर्शन को भी ज्ञान का स्त्रोत माना गया है, अतः अपनी यायावरी में बौद्ध संस्कृति के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन के माध्यम से श्री बाली बौद्धधर्म की बारीकियों को समझ गए है।
Couldn't load pickup availability
Share
Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789395827119
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
- Kids
