Pragatisheel Nari
Pragatisheel Nari
Shanti Kumar Sayal
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पुस्तक में मुख्य रूप से नारी में, प्राचीनकाल से लेकर आधुनिककाल तक विभिन्न प्रकार के परिवर्तन पर प्रकाश डाला गया है। परम्परागत नारी से लेकर आधुनिक, राजनीति, जीवनदायिनी, आत्म-निर्भर, जागरूक, साहसी, शीर्ष पर, ममतामयी, मुस्कान, फैशन, सौन्दर्य, विज्ञापनों तथा सिनेमा आदि में नारी को अलग-अलग अध्यायों में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य मात्र यह है कि इस नारी स्वतन्त्र युग की नारियाँ आधुनिक दौड़ में दौड़ती हुई कहीं अपनी संस्कृति की मान-मर्यादा को पीछे छोड़ती हुई कहीं अंधकारमय युग में खो न जाए। समाज तभी तरक्की कर सकता है जब नारियाँ जाग्रत होंगी और वे अपने लाभ-हानि की स्वयं जानकार होंगी। उन्हें अपने बल-बूते पर आगें बढ़ने का निर्णय खुद लेना होगा।
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Product Details
Language
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ISBN
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9788119052936
Binding
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Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
