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Pratham Bhartiya Sanyukt Sainya Abhiyan-1971

Pratham Bhartiya Sanyukt Sainya Abhiyan-1971

Rampal Singh

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सन् 1971 के युद्ध में भारत के तीनों चीफ जनरल मानेक शॉ, मार्शल पी.सी. लाल, एडमिरल एस. एम. नंदा में तालमेल बेहतर था। इससे युद्ध से पहले नेवी का अधिक महत्त्व नहीं समझा जाता था क्योंकि इसे युद्ध से दूर रखा गया था। लेकिन इस युद्ध में भारतीय नेवी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। खुले समुद्र में शत्रु को ललकारा गया। पूर्वी पाकिस्तान एवं पश्चिमी पाकिस्तान की दूरी समुद्री रास्ते से 1600 मील थी। इस दूरी को तय करने में अधिक समय की आवश्यकता पड़ती जिसे भारतीय नेवी ने अपने युद्धक जलपोत के द्वारा रोक दिया अर्थात् समुद्री रास्ते से एक-दूसरे से संपर्क असंभव था क्योंकि पश्चिमी पाकिस्तान को अपनी सेना को सैन्य सामग्री भेजने के लिए हिंद महासागर से बंगाल की खाड़ी जाना था।

जहाँ से पूर्वी पाकिस्तान में सहायता पहुँचाई जा सकती थी लेकिन बंगाल की खाड़ी में भारतीय नेवी का आधिपत्य था, अतः बांग्ला देश (पूर्वी पाकिस्तान) को कोई भी सैनिक मदद नहीं पहुँचने दी। यहाँ से भारतीय नेवी का मुख्य कार्य प्रारंभ हुआ। अगर पाकिस्तान नेवी पूर्वी पाकिस्तान को सहायता करती तो हो सकता था कि युद्ध अधिक दिन तक चल सकता था, अतः इस युद्ध में भारतीय नेवी ने पाकिस्तान के दोनों भागों को आपस में मिलने नहीं दिया।

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Regular price INR. 716
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789391856281

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults

No. of pages

328

Book Dimension

22.5 cm x 15 cm x 2 cm

Item Weight

530 grams

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