Pratinidhi Hasya Kahaniyan
Pratinidhi Hasya Kahaniyan
Manmohan Saral
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संग्रह के लिए कहानियाँ चुनते समय हास्य क्या है और कहानी में हास्य है अथवा नहीं, इसका सही मापदण्ड स्थिर करना आवश्यक हो गया था। इस निर्वाचन में यथाशक्ति उसका पालन किया गया है। प्रस्तुत संकलन की कहानियाँ हिन्दी हास्य के सभी प्रभेदों का यत्किचित् प्रतिनिधित्व कर सकेंगी। प्रतिनिधित्व की बात इस कारण कही जा रही है कि हमने अपनी समझ में सभी आमन्त्रित लेखकों की श्रेष्ठतम रचना ही संग्रहीत की है। संकलन के लिए कहानियाँ आमंत्रित करते समय हमने प्रत्येक लेखक-बन्धु से यह अनुरोध किया था कि अमुक प्रकार की अपनी सर्वश्रेष्ठ रचना संग्रह करने के लिए प्रेषित करें। इन कहानियों के प्रतिनिधित्व में शंका तभी हो सकती है जब लेखक ने स्वयं अपनी कहानी की श्रेष्ठता आँकने में भूल की हो। ऐसी किसी त्रुटि के लिए यद्यपि हम पर कोई दायित्व नहीं आता, फिर भी यदि अनजाने ही अज्ञानता में हमने निर्वाचन में कहीं भूल कर दी हो तो क्षमाप्रार्थी हैं।
हमें इस बात का विशेष गर्व है कि हिन्दी में इतना बड़ा कहानी-संकलन यह शायद पहला ही है। इतने बड़े संकलन में, जिसमें लेखकों की संख्या 50 के लगभग हो गई है, सभी कहानी एक ही-से स्तर की होंगी, यह सम्भव नहीं हो सकता। फिर श्रेष्ठता और विशेषकर हास्य कहानी का अच्छा लगना तो अपनी व्यक्तिगत रुचि पर ही निर्भर है। हमें आशा है कि प्रत्येक प्रकार की रुचि के पाठकों को अपनी पसन्द की कहानियाँ प्रचुर मात्रा में मिल सकेंगी।संग्रह के लिए कहानियाँ चुनते समय हास्य क्या है और कहानी में हास्य है अथवा नहीं, इसका सही मापदण्ड स्थिर करना आवश्यक हो गया था। इस निर्वाचन में यथाशक्ति उसका पालन किया गया है। प्रस्तुत संकलन की कहानियाँ हिन्दी हास्य के सभी प्रभेदों का यत्किचित् प्रतिनिधित्व कर सकेंगी। प्रतिनिधित्व की बात इस कारण कही जा रही है कि हमने अपनी समझ में सभी आमन्त्रित लेखकों की श्रेष्ठतम रचना ही संग्रहीत की है। संकलन के लिए कहानियाँ आमंत्रित करते समय हमने प्रत्येक लेखक-बन्धु से यह अनुरोध किया था कि अमुक प्रकार की अपनी सर्वश्रेष्ठ रचना संग्रह करने के लिए प्रेषित करें। इन कहानियों के प्रतिनिधित्व में शंका तभी हो सकती है जब लेखक ने स्वयं अपनी कहानी की श्रेष्ठता आँकने में भूल की हो। ऐसी किसी त्रुटि के लिए यद्यपि हम पर कोई दायित्व नहीं आता, फिर भी यदि अनजाने ही अज्ञानता में हमने निर्वाचन में कहीं भूल कर दी हो तो क्षमाप्रार्थी हैं। हमें इस बात का विशेष गर्व है कि हिन्दी में इतना बड़ा कहानी-संकलन यह शायद पहला ही है। इतने बड़े संकलन में, जिसमें लेखकों की संख्या 50 के लगभग हो गई है, सभी कहानी एक ही-से स्तर की होंगी, यह सम्भव नहीं हो सकता। फिर श्रेष्ठता और विशेषकर हास्य कहानी का अच्छा लगना तो अपनी व्यक्तिगत रुचि पर ही निर्भर है। हमें आशा है कि प्रत्येक प्रकार की रुचि के पाठकों को अपनी पसन्द की कहानियाँ प्रचुर मात्रा में मिल सकेंगी।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
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9788119052127
Binding
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Hard Cover
Age Group
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- All Age Groups
