Pyar Mein Dil Pe Maar De Goli
Pyar Mein Dil Pe Maar De Goli
Rajender Raj
SKU:
कमर पे झूलती कमबख्त चोटी नितंबों पे जब लहराती है हुस्न के पावर-हाउस में 100 मेगावॉट बिजली आती है। - 'बड़ी जानलेवा हैं अदाएँ आपकी' मधुभरे पर्वत शिखर जिगर में प्यास जगाते हैं आतुर अधरों से उन्हें छूने को जी करता है। - 'इस लाजवाब हुस्न पर मरने को दिल करता है' वला की खूबसूरती है देह की मिसाईल में फिगर पे फिसलके जो बच जाए मर जाए बस इक स्माइल से क़त्ल का सामान हो तुम। - 'क़त्ल का सामान हो तुम' गड्ढे पड़ते हैं गालों में जैसे दो कँवल खिलते हैं लबों की गुलाबी पत्तियों पर बहारों के मौसम मिलते हैं। - 'खुलकर हँसती हो जब तुम दिल-ओ-जाँ ले लेती हो' गुलाबी होंठों की पंखुड़ियाँ जब मदिर मुस्कान लुटाती हैं जिगर की खाली सुराही मुहब्बत की मैं से भर जाती है। - 'सुंदरता से भी सुंदर हो तुम'
Couldn't load pickup availability
Share
Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9788119052509
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
