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Rajasthan Ka Gauravpoorn Itihas
Rajasthan Ka Gauravpoorn Itihas
Dr.Shambhunath Verma
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भारतवर्ष में 36 राजवंशों का उल्लेख मिलता है परन्तु पश्चिमी द्वार से आने वाले आक्रमणकारियों से राजस्थान के राजपूत सदियों (600 से 1200 ई.) से अपने देश, धर्म, सत्य, न्याय और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देते रहे। उनकी स्त्रियाँ भी अधर्मियों से बचने के लिए प्रसन्नता से जौहर की अग्नि का आलिंगन करती रहीं। राजस्थान के राजपूतों ने विदेशियों के अत्याचारों, अनीति, अन्याय के सामने अपने प्राणों को खोकर भी अपने पूर्वजों के संस्कार और सभ्यता को आज भी सुरक्षित रखा है; ऐसा उदाहरण विश्व-भर में देख पाना दुर्लभ है और यही राजपूत व राजस्थान का अनूठा गौरव है।
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Language
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- HIN- Hindi
ISBN
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9788119052455
Binding
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Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
