Rammohan Rai
Rammohan Rai
Uma Pathak
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राम मोहन राय समाज सुधारक थे, उन्होंने 18वीं और 19वीं शताब्दी के दौरान भारतीय समाज को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस दौेरान संपूर्ण देश, विशेषकर बंगाल मूर्तिपूजा में लिप्त था।
धर्म के नैतिक और आध्यात्मिक पक्ष के स्थान पर अंधविश्वासयुक्त कर्मकांड का प्रचलन था। प्रतिदिन कोई-कोई अनुष्ठान होता रहता था। काली और दुर्गा की पूजा में बलि दी जाती थी। शिक्षा का प्रचलन नहीं था।
स्त्रियों के लिए शिक्षा वर्जित थी। भारतीय इतिहास में यह समय पूर्ण अव्यवस्था का था। समाज गतिरुद्ध था। कानून व्यवस्था, धर्म-संस्थान, व्यवसाय सभी नष्टप्राय थे।
राममोहन रॉय के विचार और उनके कार्य भारतीय समाज में एक क्रांति लाए। उन्होंने सामाजिक सुधारों, शिक्षा, धार्मिक सहिष्णुता, और महिलाओं के अधिकारों के क्षेत्र में जो योगदान दिया वह अत्यंत सराहनीय था।
इसलिए उन्हें भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक कहा जाता है। इन्हीं महान समाज सुधारक राममोहन रॉय का व्यक्तित्व-कृतित्व सरल भाषा शैली में इस पुस्तक में दिया गया है ताकि पाठकगण इससे प्रेरणा ले सकें।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
978-81-19052-41-7
Binding
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Hard Cover
Age Group
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- All Age Groups
