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Rin Pitron ka

Rin Pitron ka

Dilip Kaur Tiwana

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"बहू के लिए मैं अपने पोते को घर से निकाल दूँ? बहू के लिए बिक्रम बेसहारा ही फिरता रहे? हमारे घर श्राद्ध करने वाला और पितरों को पानी देनेवाला कोई न हो? उसे ज्यादा तकलीफ है तो हम इसे चंडीगढ़ ले जाएँगे," सरदार ने गुस्से में कहा। हमारे शास्त्रों में एक 'पितर ऋण' का जिक्र है उसका यही मतलब है कि जो कर्ज हमारे पूर्वज हमें जन्म देकर हमारे सिर चढ़ा गए हैं, पूर्वजों के वंश को आगे बढ़ाकर उसे हमें उतारना है। नहीं तो वह कहते हैं कि श्राद्धों में पूर्वजों को पानी कौन पिलाएगा? उनके नाम की रोटी कौन खिलाएगा और वह अपने घर से भूखे-प्यासे ही लौट जाएँगे।

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Regular price INR. 476
Regular price INR. 595 Sale price INR. 476
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392719318

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults
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