Sabhyata Avam Sanskriti
Sabhyata Avam Sanskriti
Dr. Kiran Kumari
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सभ्यता एवं संस्कृति पर अनेक पुस्तकें हैं, परन्तु यह पुस्तक उन सबों से भिन्न एक अनूठा प्रयास है यह दर्शाने का कि किस प्रकार सभ्यता एवं संस्कृति का क्रमशः समानान्तर विकास हुआ है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक काल तक परिस्थिति एवं पारिस्थितिक के अनुसार दोनों का क्रमिक विकास एवं ह्रास होता गया है। वैदिक काल में ये उच्च शिखर पर थी, पर महाभारत काल आते-आते इनमें काफी अवमूल्यन हुआ। इसके साथ ही कई नये मूल्यों का प्रतिष्ठापन भी हुआ है। उसके अनुरूप साहित्य का भी विकास होता गया है।
भारत में कई शासक आए और उनके शासन काल में सभ्यता एवं संस्कृति के विकास में कुछ परिवर्तन एवं परिमार्जन भी हुआ है। कई नये मूल्यों का समावेश भी हुआ है। आज वर्तमान समय में संकट-ग्रस्त स्थिति में हमारी पुरानी मान्यताएँ किस प्रकार कारगर सिद्ध हो रही हैं। इस पुस्तक में इन्हीं सब विषयों को तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392602283
Binding
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Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
