Sanyukt Rashtra Sangh Chunauti evam Bhavishya
Sanyukt Rashtra Sangh Chunauti evam Bhavishya
Rampal Singh
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प्रजातांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा करने के लिए आलोचना होनी आवश्यक है। वे आलोचनाएँ कभी-कभी धमकी का रूप ले लेती हैं। इस संयुक्त राष्ट्र संघ का निर्माण हुए 72 वर्ष से अधिक हो गए परंतु वर्तमान में गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, बीमारी, असुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दो देशों के मध्य संघर्ष दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं, जिन उद्देश्यों को हल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संगठन अस्तित्व में आया, वे पूर्ण होते नजर नहीं आ रहे हैं। अतः उपरोक्त कारण संयुक्त राष्ट्र संघ के लिए चुनौती बने हुए हैं, इन सबसे अधिक खतरा आणविक, रासायनिक, जैविक युद्ध का है जिसका आसानी से निराकरण नहीं हो पा रहा है।
यदि इक्कीसवीं शताब्दी में संयुक्त राष्ट्र संघ इन चुनौतियों का सामना करने में असफल रहा तो उसके अस्तित्व को ही खतरा पैदा हो जाएगा। इस पुस्तक में समस्त उन चुनौतियों का विस्तार से वर्णन किया गया है, जो संयुक्त राष्ट्र संघ के लिए खतरा बने हुए हैं।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392713446
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
200
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.7 cm
Item Weight
Item Weight
470 grams
