Saza-e-Kala Pani
Saza-e-Kala Pani
Rampal Singh, Bimla Devi
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दुनिया के इतिहास में तीन यातना केन्द्र बनाए गए फ्रांस में 'बस्टिल', रूस में 'साइबरिया' खुला बर्फीला स्थान तथा भारत में 'सेलुलर जेल' जहाँ से लौटकर बहुत कम व्यक्ति वापस आए। तीनों यातना-शिविरों में भोजन का अभाव था जिसके कारण कैदी शक्तिहीन हो जाता था, बीमारी का सही इलाज न होने के कारण मौत स्वाभाविक थी। अधिक परिश्रम भी मौत का कारण बनता था। भारत देश को आजादी दिलाने में इस 'सेलुलर जेल' का विशेष योगदान रहा। उन दिनों जो व्यक्ति इस जेल की कहानी सुनता वही इस अत्याचार के खिलाफ स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग लेने लगता था। एक समय ऐसा भी आया कि जेल में स्वतंत्रता सेनानियों को रखने के लिए स्थान की कमी पड़ गई। वहीं से शुरू हुई योजनाबद्ध तरीके से अंग्रेजों की हत्या करने की साजिश, जिसके परिणामस्वरूप अंग्रेजों को भय के कारण भारत को आजाद करना पड़ा। दुर्भाग्यवश इतिहास में इन स्वतंत्रता सेनानियों को हाशिए पर रख दिया गया तथा भावी पीढ़ी को इनके बलिदान के बारे में अज्ञान में रखा गया। ये महान सेनानी जो अज्ञात हैं उनकी भारतीय इतिहास के विद्यार्थियों को जानकारी हो, इस उद्देश्य से इस ग्रन्थ की रचना की गई।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392681448
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
192
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.5 cm
Item Weight
Item Weight
290 grams
