Sena Mein Mahilayein
Sena Mein Mahilayein
Sanchita Kushwah
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महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन और कमान की जिम्मेदारी देने पर सेना में अलग-अलग राय है। अधिकारियों के बड़े तबके का मानना है कि सेना में उसी समाज के लोग आते हैं, जहाँ महिलाओं को स्वतंत्र नहीं माना जाता। लिहाजा उन्हें कमान नहीं दी जा सकती। वहीं, कुछ अफसरों का मानना है कि महिला नेतृत्व के पैमानों पर खरी उतरे तो पुरुषों को उनके तहत काम करने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। लेकिन, महिला की काबिलियत को परखे बिना उन्हें इस अधिकार से ही वंचित नहीं कर सकते। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि समाज महिलाओं को सहयोगी के तौर पर देखता है।
सेना में भी यही मनोविज्ञान काम करता है। महिलाएँ शॉर्ट सर्विस कमीशन के दौरान आर्मी सर्विस कोर, आर्डनेंस, एजुकेशन कोर, जज, एडवोकेट जनरल, इंजीनियर, सिग्नल, इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक-मैकेनिकल व इंजीनियरिंग ब्रांच में ही प्रवेश पा सकती हैं। उन्हें इन्फैंट्री, उड्डयन और तोपखाने में काम करने का मौका नहीं दिया जाता। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, महिला अधिकारियों को सशस्त्र बलों में उनके योगदान के लिए देश में कई वीरता, सेना के पदक और संयुक्त राष्ट्र के शांति पुरस्कारों से नवाजा गया है। ऐसे में उनके साथ भेदभाव करना कलंक जैसा है। यह अहसास करने का समय आ गया है कि महिला अफसर पुरुष अफसरों की सहायक नहीं उनके समकक्ष हैं।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392713163
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
152
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.5 cm
Item Weight
Item Weight
380 grams
