Skip to product information
1 of 1

Shashi Tharoor ka Oxford Union mein Bhashan

Shashi Tharoor ka Oxford Union mein Bhashan

V.S.Baghel

SKU:

हमारी समझ में हमें शशि का आभार इस बात के लिए मानना चाहिए कि इस मुआवजे की माँग के बहाने उन्होंने अँग्रेजी राज की विरासत का तटस्थ लेखा-जोखा तैयार करने के लिए हम सभी को उद्वेलित किया है। करीब दो सौ साल के इतिहास के बारे में ही नहीं, आज के जनतांत्रिक हिंदुस्तान की विषमता से पीड़ित असलियत के लिए अँग्रेजों की जिम्मेवारी के बारे में भी पश्चिमी खासकर विलायती सोच, और लगभग प्रायोजित बौद्धिक अभियानों की पड़ताल की जरूरत है। बात इतनी-सी नहीं कि अँग्रेज उदीयमान शक्ति भारत में अपने मुनाफाखोर कारोबार को फैलाने के लिए ब्रिटेन की मौजूदा या भविष्य की कोई सरकार माफी माँग लेगी या शायद प्रतीकात्मक मुआवजा भी देना कबूल कर ले। समस्या यह है कि क्या हम एक बार फिर शहद सनी बातों के झाँसे में फँस जाएँगे? कब तक विलायत और अमेरिका में अपनी छवि के संदर्भ में ही नीति-निर्धारण करते रहेंगे?

Quantity
Regular price INR. 476
Regular price INR. 595 Sale price INR. 476
Sale Sold out
Shipping calculated at checkout.

Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789392719394

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults

No. of pages

192

Book Dimension

22.5 cm x 15 cm x 1.8 cm

Item Weight

470 grams

View full details