Surajdas 'The Blind Man'
Surajdas 'The Blind Man'
Manoj Kumar
SKU:
सूरजदास 'The Blind Man' उपन्यास आधुनिक युग में संघर्षरत एक दृष्टिबाधित के जीवन का आईना है। दृष्टि के अभाव में देखना क्या होता है? कैसे देखा जाता है? रोशनी और अँधेरा क्या होते हैं? कृति में ऐसे सवालों से जूझते दृष्टिबाधित के मनोविज्ञान पर प्रकाश डाला गया है। कथा में दृष्टि के अभाव में संघर्षरत व्यक्ति के प्रति 21वीं सदी के समाज का दृष्टिकोण अवलोकित होता है। कृति में दृष्टिबाधितों के उत्थान हेतु प्रयासरत एक आदर्शवादी संस्था एवं उसके द्वारा संचालित विशेष विद्यालय की परिकल्पना को चित्रित किया गया है। कथा में दृष्टिबाधित बेटे के हितों की चिंता में मानसिक अवसाद से पीड़ित माँ और भाई के पुनर्वास हेतु तत्पर एक बहन की जीवटता के दर्शन होते हैं। उपन्यास में पति-पत्नी के रिश्तों में पनपती कड़वाहट और गृहस्थी के टूटने-बिखरने की परिस्थितियों को निकटता से देखा जा सकता है। प्रस्तुत कृति में न्याय की आस और आस में मिले अन्याय के उपरांत जीवन से जद्दोजहद करते दृष्टिबाधित के यथार्थ का सजीव चित्रण है।
Couldn't load pickup availability
Share
Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9788119086467
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
