Surgical Strike
Surgical Strike
Virender Singh
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1971 के बाद यह पहला अवसर है जब भारतीय सशस्त्र बलों ने नियंत्रण रेखा पार की है। यहाँ तक कि 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भी भारतीय सेना को नियंत्रण रेखा न पार करने के निर्देश दिए गए थे। हमारे सशस्त्र बल पूरे देश से बधाई और प्रशंसा के हकदार हैं, क्योंकि उन्होंने अत्यंत पेशेवर और कुशल तरीके से अपने अभियान को अंजाम दिया, जिसमें न केवल दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, बल्कि बड़ी संख्या में आतंकी भी मारे गए और उनके लिए किए गए बंदोबस्त भी ध्वस्त हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसका पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का साहसिक फैसला लिया और पाकिस्तानी सरकार तथा सेना के जनरलों के झूठ को उजागर कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक के लिए जिस तरह लक्ष्य निर्धारित किए गए उससे पता चलता है कि भारतीय सेना के पास समूचे पाक अधिकृत कश्मीर और साथ ही गिलगित-बाल्तिस्तान तक ऐसे हमले करने और इच्छित सफलता प्राप्त करने की ताकत है। रावलपिंडी को यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि यदि उसके जनरल छोटे स्तर पर भी परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की भूल करते हैं तो भारत अपने परमाणु जखीरे को पूरी तरह खोल देगा, तब पाकिस्तान का नामो-निशान मिट जाएगा। वह भारत को जवाब देने के लिए विशेष बलों के साथ एक संक्षिप्त युद्ध छेड़ सकता है या नियंत्रण रेखा पर सक्रिय हो सकता है।
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Virender Singh
