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Tatya Tope

Tatya Tope

Pavitr Anand Sharma

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तात्या टोपे का जन्म कट्टर मराठी ब्रहामण परिवार में हुआ था। जिसका वास्तविक नाम रामचंद्र पांडुरंग राव था । इनके पिता पांडुरंग राव बाजीराव द्वितीय के दरबार में नौकरी करने लगे तो तात्या टोपे भी बाजीराव के द्त्तक पुत्र नाना साहिब के सम्पर्क में आए और इस तरह नाना साहिब और तात्या टोपे बचपन से ही दोस्त बन गए और कलांतर में तात्या टोपे की पहचान नाना साहिब के दाहिने हाथ जैसी बन गई। तात्या टोपे ने शस्त्रों की शिक्षा नाना साहिब और लक्ष्मीबाई के साथ ली थी। वो बचपन से ही वीर थे। 1857 की क्रांति में योगदान देने वाले तात्या टोपे अपने दोस्त और बिठुर के पेशवा नाना साहिब के अंग्रेजों द्वारा अधिकार छीने जाने के कारण अंग्रेजों से नाराज थे। तात्या टोपे को नाना साहिब का सेनापति नियुक्त किया गया। तात्या टोपे ने 1857 की क्रांति में अंग्रजों से अकेले संघर्ष किया। 7अप्रेल 1859 को तात्या को शिवपुरी गुना के जंगलों में सोते हुए धोखे से पकड़ लिया गया और एकदम अंग्रेजों ने उनपर देशद्रोह क मुकदमा चला कर फाँसी का फरमान सुना दिया और 18 अप्रेल, 1859 की शाम ग्वालियर के पास शिपी दुर्ग के निक्ट उन्हें फाँसी दे दी गई। तात्या टोपे का पूर्ण व्यक्तित्व-कृतित्व जानने के लिए पुस्तक का अवलोकन करे जो अत्यंत ही सरल भाषा शैली में लिखी गई है।

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Regular price INR. 360
Regular price INR. 450 Sale price INR. 360
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Product Details

Language

  • HIN- Hindi

ISBN

9789395861700

Binding

Hard Cover

Age Group

  • Adults

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