Vaivahik Jeevan Ko Sukhi Kaise Banayein
Vaivahik Jeevan Ko Sukhi Kaise Banayein
Jasbir Chawla
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यह तो स्पष्ट है कि गृहस्थ जीवन भी एक तपस्या है। यदि प्रव्रज्या लेकर सन्यासी बनकर जीवन यापन करना कष्टकर है तो घर के सुख लेते हुए गृहस्थी का जीवन बिताना भी सरल नहीं। आज नई पीढ़ी आधुनिक पश्चिमी वैश्वीकरण की आँधी में डिवोर्स, तलाक और लिव इन रिलेशनशिप जैसे गड्ढों में गिर रही है। जब तक उसे होश आती है, बहुत देर हो चुकी होती है। विवाहित जीवन इंसान को बहुत सुकून, राहत और खुशियाँ तब देता है जब उसका प्रबंधन सही ढंग से किया जाये। भगवान बुद्ध ने सम्यक का सिद्धान्त दिया था। वही प्रबंधन की जान होती है। कैसे? इस बात को ही समझाने के लिये ‘जातक’ की रचना हुई थी। इसमें 547 कहानियाँ हैं जिनमें उदाहरण देकर सम्यक का इस्तेमाल दिखाया गया है। वहीं से मियाँ बीबी और परिवार से ताल्लुक रखने वाली अट्ठकथाओं का चुनाव किया गया है। नैतिक दायित्व समझते हुए इस पुस्तक की रचना की गई है ताकि व्यक्ति वैवाहिक जीवन को सुखी बनाकर अपना जीवन खुशहालीपूर्वक जी सके।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392747397
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
128
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.5 cm
Item Weight
Item Weight
350 grams
