Vishwa Ke Mahan Senapati
Vishwa Ke Mahan Senapati
Surendra Suman
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विश्व इतिहास में अनेक सेनापतियों के नाम आते हैं, जैसे नैपोलियन, सूवारोव, नेल्सन, चंगेजखान, बावर आदि-आदि। महाभारत युद्ध में तो सेना का सेनापति रोज ही बदल दिया जाता था। द्वितीय विश्व युद्ध मानव इतिहास का सबसे भयानक युद्ध था। 5 करोड़ लोगों की जान लेने वाले इस युद्ध में 64 देशों ने भाग लिया। नाजियों और मित्रा सेना (जिसमें रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस तथा अन्य कई देश शामिल थे) के बीच लड़े गए इस महायुद्ध में सेनापतियों की एक ऐसी श्रृंखला उभर कर आई जिन्होंने युद्ध कला को शास्त्रीय स्तर तक पहुंचाया। रूसी जनरल जुकोव तो युद्ध कला को फाइन आर्ट की ऊँचाइयों तक ले गया था। जर्मन सेना में, रोमेल, रून्डस्टड, कैसरलिंग, माइनस्टाइन श्रेष्ठ सेनापति थे, तो उनके प्रतिद्वन्दी जुकोव, पैटन, मान्टगुमरी भी कम न थे। एक यदि सेर था, तो दूसरा सवा सेर। पैटन कहा करता कि "जर्मनों ने मांस काटने की मशीन में अपना सिर दे दिया है और मशीन चलाने का हैन्डिल मेरे हाथ में है।" हिटलर को आत्महत्या तक पहुंचाने वाला यह युद्ध 1939 से 1944 तक अनवरत चला।
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Surendra Suman
